सावन यूँ ही उतरा है आँगन में
बारिश से भींगे ये रास्ते, चहलकदमी के निशान, पत्तों पर फिसलती बूंदे, उथले उथले गड्ढों में पानी, सूखे पत्ते कीचड़ से सने हुए, आसमान में मेघों का झुंड, रुक रुक …
सावन यूँ ही उतरा है आँगन में Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
बारिश से भींगे ये रास्ते, चहलकदमी के निशान, पत्तों पर फिसलती बूंदे, उथले उथले गड्ढों में पानी, सूखे पत्ते कीचड़ से सने हुए, आसमान में मेघों का झुंड, रुक रुक …
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एक सविंधान के रक्षक को भीड़ इसलिए मार देती की वो अपने कर्तव्य को निभा रहा था, भीड़ और मौत के सन्नाटे के बीच न कुछ सवाल है न जवाब , न …
भीड़ और मौत के सन्नाटे के बीच .. Read More
इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. आओ रूठे से चेहरे को मनायें, इश्क़ है तो वो गिला भी करेगा । #इश्क़ इश्क़ आँखों से कैसे छलके, पेशानी पर शिकन की …
इश्क़ – 2 Read More
इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. वो सुई धागों में उलझी उलझी कहीं, कुछ नए रिश्तों में टाँके लगा रही थी !! #इश्क़ पायलों को नहीं है तहजीब का …
इश्क़ – 1 Read More