हौसलें है .. सब रवानी देखते है !
शहर के उस ओर का भूभाग, जहाँ हर साल बाढ़ आता, घर बह जाते, सारा जमीं समंदर हो जाता, फिर भी हौसला है उन लोगों का फिर उजड़े को बसाते और …
हौसलें है .. सब रवानी देखते है ! Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
शहर के उस ओर का भूभाग, जहाँ हर साल बाढ़ आता, घर बह जाते, सारा जमीं समंदर हो जाता, फिर भी हौसला है उन लोगों का फिर उजड़े को बसाते और …
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बारिश, रात और भींगे मुंडेरों से टपकती है बूंदें ही नहीं , अनेकों पुरानी यादें भी रिसती रहती है कोनों कोनों से ! वो पुरानी खिड़की जिसके फांकों से एक …
बारिश .. सूनी सूनी ! Read More
बारिश .. छोटा शहर तो तंग हो जाता रोज रोज के इन छीटों से ; हर सड़क हर गलियाँ सनी हुई सी, ऊँघती हुई पुरानी बिल्डिंगें टूटे टूटे दरारों में …
संवेदना …. Read More
ऐ वतन ए हिन्द .. दी है तेरे माटी ने पनाह ; मुझ पर ये अहसान है ; जन्म मिली इस धरा पर ; मुझको ये अभिमान है ! ऐ …
ऐ वतन ए हिन्द … Read More
न चले रे हवा न मिले रे दुआ रुकी है संसद कैसे बने ये सभा । न तूने कुछ किया न मैंने कुछ किया; करोड़ों की अशरफी कौड़ी में खो …
प्राइम टाइम – पोएट्री व्हेन संसद एडजर्नड Read More
This Poem reflects the writer’s emotions; how he defines his affections, he never sees his beloved one with his facets, His affection immerses in everything… ये कविता एक लेखक के …
तुम …. Read More