indian farmer life

प्राइम टाइम – खेत खलिहान से (व्यंग्य)

खेती व्यवसाय नहीं है ; कैसे होगा मिट्टी वाला पैर से उ लक्ज़री पॉलिश वाला मार्बल खराब नहीं हो जायेगा ! ” भारत एक कृषि प्रधान देश है ” ; …

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Hindi Poem afternoon

दोपहर

दोपहर पर कितना कुछ है लिखने के लिये ~ कुछ मित्रों ने कहा ये दोपहर इतना उपेक्षित क्यों ; तो एक कविता “दोपहर” पर कोशिश करिये ; एक दोपहर , …

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meet with yourself

कभी रूबरू हो खुद से – A walk on night, a great meet with yourself !

कितनी आपाधापी है ना ; रेत की तरह फिसलती उम्र ; जद्दोजहत में सजते संवरते बिखरते सपने ; कभी रुकते से कदम तो कभी भागता मन ! ये सब हमारे …

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