अधुरा अलविदा ….
अलविदा अधुरा ना होता वो, जो तेरे जिक्र में मैं ना नजर आता । फिर ना फिक्र उमड़ती मुझमें, जो तु अधुरा ना नजर आता । बेफिक्र ही गुजर जाता …
अधुरा अलविदा …. Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
अलविदा अधुरा ना होता वो, जो तेरे जिक्र में मैं ना नजर आता । फिर ना फिक्र उमड़ती मुझमें, जो तु अधुरा ना नजर आता । बेफिक्र ही गुजर जाता …
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रात के सुकूं के दो पल इस तरह संवार देता हूँ , सारे थके थके रिश्तों को उतार देता हूँ, भूल जाता हूँ कुछ पल के लिए गम सारे, इस …
इस तरह जिन्दगी से कुछ पल उधार लेता हूँ ! Read More
आज वंडरलैंड से बातें नहीं; आज कुछ अतीत के पन्नों में चलते है ! एक दशक पूर्व .. नब्बे का दशक ; कोई टाइम मशीन नहीं शब्दों के माध्यम से …
लालटेन युग – अंधकार से प्रकाश का एक सफर ! Read More
आज फिर सदियों के बाद वही पुरानी आहट सी थी, जो भुला नहीं हूँ अब भी जेहन में बची एक हसरत सी थी । कुछ दो शब्दों पर तर हो …
आज फिर सदियों के बाद वही पुरानी आहट सी थी ! Read More
पूरी तरह याद है करीब डेढ़ दशक पहले का वो दिन जब स्कूल में कंप्यूटर की पहली कलास; ऊपर जाके ठीक लाइब्रेरी के बगल में शांत एकांत सा कमरा जिसपर …
विन्डो से मैक तक का सफर वंडरलैंड से !! Read More