एक जहाँ फिर छुटा – #Sk Triveni Poetry
इतनी दूर सफ़र पर हो आये साथ चलते, जब एक अजनबी से जाना अपना नाता, फिर क्यों एक लम्हा हमसे इस तरह रुठा ।1। निभाते रह गये हर वो रिश्ता, जिसमे …
एक जहाँ फिर छुटा – #Sk Triveni Poetry Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
इतनी दूर सफ़र पर हो आये साथ चलते, जब एक अजनबी से जाना अपना नाता, फिर क्यों एक लम्हा हमसे इस तरह रुठा ।1। निभाते रह गये हर वो रिश्ता, जिसमे …
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आज फिर वंडरलैंड से कुछ बातें .. इस शहर की कुछ बातें ! सुबह की ठंडी होती चाय को छु के महसूस करते की अभी भी कुछ देर इसे उलझाया …
वंडरलैंड से कुछ बातें – Tell The World Who You Are !! Read More
इच्छाशक्ति से ऊपर अब कोई क्या प्रयास किया जा सकता था; बार बार रेतों को ले जातें ज्वार भाटें, सागर के तटों को कभी मिटा पाए क्या ? फिर अगली लहरों …
Seashore – Night & Pen Read More
बिखरा बिखरा सा कुछ दिनों से, बड़ी मुश्किलों से मिलता था .. यादों का कुछ टुकड़ा ! कागजों पर लिखी कई नज्में, बिखरे दरख्तों पर दब सी गयी, पुराने पत्तों …
कब तक यूँ रहता यहाँ ऐसा ही !! Read More
Her Words Like Unforgettable Subtle memories, keeps me running like a nowhere to be found ! Unmet Soul Incomplete Mind Under Compulsion of Desires, Don’t Get anything Like Rising tiding …
Subtle Stubborn Desires – Micro Poetry Read More
आहटों पर ऐतबार नहीं हमें, ये शहर इस कदर वक़्त का मारा है, मुलाकात की बस आरजू दिल में रह जाती है, ये मुकम्मल ना होती कभी ! कोशिश की …
आहटों पर ऐतबार नहीं हमें … Read More