क्या गुनाह है .. ?
है रात मुफलिसी की,ताक पर लगा नींदों को,और लगा चैन के हर कोने,चाहत सुबहों पर लगाना ! क्या गुनाह है .. ? माना नसीबों पर नहीं इख्तियार,और उम्मीदों के कितने …
क्या गुनाह है .. ? Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
है रात मुफलिसी की,ताक पर लगा नींदों को,और लगा चैन के हर कोने,चाहत सुबहों पर लगाना ! क्या गुनाह है .. ? माना नसीबों पर नहीं इख्तियार,और उम्मीदों के कितने …
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एक पंछी उड़ता हुआ खुले आसमां में,क्या सपने उसके क्या मन में उसके,सहसा इच्छाओं का इर्धन खत्म सा हो गया ! बिना उर्जा के सीधा गिरता कटीले पथरीले झारियों में,बिखर …
एक उड़ान – Dead Dream in Sky Read More
कुछ ठहर गये थे तुम,कुछ कहते कहते रुक गये ! तुमने शायद रिश्ता पुराना सा,कुछ ऐसा बोला था धीमे से ! बस हम उम्मीद में है,बात कब पूरी होगी वो …
एक रोज तुम .. Untouched Thoughts Read More
इन उम्मीदों की मंजिल क्या है .. ये सवाल अपने आप से पूछता अक्सर वो;वर्तमान से उस आने वाले समय की परिकल्पना कैसे उमड़ रही ! जैसे वो कहा रहा …
Not as a Stranger – Night & Pen Read More
छोटी सी बात ये, कोई नयी नहीं थी; ऐसे तो इतने दूर के रास्तों में कितनी नोक झोंक थी !कुछ कहे कुछ अनकहे, अनेकों इतने लम्हें के सिलवटों में दबी …
कुछ अनकहे (Untalked) – Night & Pen Read More
असमंजस में था मन,खुले आसमाँ को देख,आज उसकी चाहत थी,टूटे कोई तारा फिर … वो मांगे बैठे कुछ दुआयें !शिकायत नहीं किसी से है कोई,फकत खुद के फैसले, खुद से …
Again Untold – Night & Pen Read More