क्षण प्रतिक्षण व्यतीत हो रहा – Life Spending
क्षण प्रतिक्षण व्यतीत हो रहा,कुछ खोया सा अतीत हो रहा ! कुछ साँसे चल रही नब्ज में,कुछ धड़कन भी मंद हो रहा ! भीड़ परिदृश्य से भरे अधर में,किस शोर …
क्षण प्रतिक्षण व्यतीत हो रहा – Life Spending Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
क्षण प्रतिक्षण व्यतीत हो रहा,कुछ खोया सा अतीत हो रहा ! कुछ साँसे चल रही नब्ज में,कुछ धड़कन भी मंद हो रहा ! भीड़ परिदृश्य से भरे अधर में,किस शोर …
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उसने कुछ पूछा ..आदत तो ऐसे चुप रहने की ही थी,कम बोलना, चेहरे ऐसे जैसे शब्द दफ़न हो वर्षों से ;यूँ तो ये रात अक्सर साथ देती है मेरा,बयाँ करता …
पुराना रिश्ता – Night & Pen Read More
तुमसे यूँ चुप सा बोलता हूँ मैं ;मेरी कहीं सारी यादें ना छलक जाये ! देखो मैंने छोर दिया किस्सा अधूरा आज;क्योंकि कल जो फिर तुम्हें आना होगा यहीं ! …
कुछ बातें – Some More Words Read More
आते आते रह जाती,अब जो भी यादें है ! धुँधला धुँधला तो नहीं,क्षणिक स्मरण होता शब्दों से,और पर जाती फिर धुल की,अनगिनत परते उनपर ! शिकायतें भी उभर जाती,कुछ नजरों …
Shades On Words Read More
कैसे उन दिनों लत सी लग गयी थी,काले और उजले कसीदे से चौकोर खानो में दिमाग दौड़ाने की,ये वो लम्हा था जब पहली बार रूबरू से हुए उस खेल से,जिसके …
शतरंज – Night & Pen Read More
आज यादों के कारवां से फिर वही सख्स,जैसे कल की हो तकरार !और हर दफा वो जाने के कोशिश करता की,इस बार नही लौट आने को,और उसकी ये नाकाम कोशिश …
हर सातवें दिन – Night & Pen Read More