संजय उवाच – भारत बंद !
धृतराष्ट्र संजय से – क्या हो रहा हस्तिनापुर में ; महाराज बुलेट ट्रेन की चाह रखने वाले ; पटरी उखाड़ ले गए । आज भारतवर्ष बंद था तो महाभारत का …
संजय उवाच – भारत बंद ! Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
धृतराष्ट्र संजय से – क्या हो रहा हस्तिनापुर में ; महाराज बुलेट ट्रेन की चाह रखने वाले ; पटरी उखाड़ ले गए । आज भारतवर्ष बंद था तो महाभारत का …
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लोकतंत्र के जंगल मे शेर की खाल पहन भेड़ियों का शासन है… यहाँ हर तरफ अराजकता ही अराजकता है मजदूर, छात्र, किसान, नौकरीपेशा, उद्यमी सब 70 साल से मूर्खों की …
लोकतंत्र के जंगल – Random Thought Read More
जीवन के श्वेत श्याम पट्ट पर, कुछ तस्वीर आ उभरे है ; गोद में कोई कौतुहल से, अटखेलियाँ करता ; देखता दीवारों पर बनती परछाइयों को, हिलती डुलती आभायें , …
Sillhoutes Of Life ….. Read Moreकभी कभी छत की ऊपरी मंजिल पर जाता हूँ, नितांत रात में निहारने आकाश को, इस भागदौड़ में भूल जाता हूँ प्रकृति के इस अजूबे को बचपन से जो नहीं …
In Search of Orion … Read More
आजकल परीक्षाकाल चल रहा हमारे राज्य में, कदाचार मुक्त परीक्षा हो पूरा प्रशासन लगा हुआ है । पुलिस, मजिस्ट्रेट, सीसीटीवी, वीडियोग्राफी, जाँच पड़ताल । ऑब्जेक्टिव सब्जेक्टिव OMR बिंदा गोला टिक …
बिहार में परीक्षाकाल ….. Read More
नया साल जैसे आपको ये महसूस होता की चलो एक पुराना लम्हा था खत्म हुआ ; अब एक नई उम्मीद है पुराने साल की कुछ अनचाही चीजें लगती इस साल …
नया वर्ष है नया सवेरा .. Read More