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who talks a lot

तुम भी कभी बहुत बोलते थे….

बातों का सिलसिला अब वैसा नहीं चलता, लम्बी फेहरिस्त होती थी बातों की, मैं पहले तो मैं पहले की तकरार, अब रुक रुक कर कभी कभार मैं कुछ पूछता, और …

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newyearnewme

नव वर्ष के नए नभ में …

बुझते अलाव सा नहीं… दहकते आग सा बन, दृढ प्रतिज्ञ बढ़ो ऐसे, जीवन के विस्तार को बुन, थकन पाँव में या लगे कांटे, रुकना न तू अपनी रफ्तार को चुन, …

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Love Life & Things

कुछ दिन जब …

कुछ दिन जब तुम नहीं बोलते, कुछ दिनों की चुप्पी होती, फिर बोलने लगती हर चीजें तुम्हारी तरह । सुबह सुबह खिड़की के पर्दो से झाँकती है धुप, तुम्हारी शक्ल …

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Autumn Days Thoughts

किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? #AutumnDays

Autumn marks the transition from summer into Winter ….. किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? ढलती रात अभी की, जैसे हवायें खुले खुले बदन से टकराकर अटखेली करती …

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