रावण जो तेरे अंदर बैठा है …
कागज़ों के रावण ही जलेंगे अब, एक रावण मन में भी तो बैठा है ! द्वेष नफरत खिली चेहरे पर, त्योहारों पर पहरा बैठा है ! सीख भजन की दब …
रावण जो तेरे अंदर बैठा है … Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
कागज़ों के रावण ही जलेंगे अब, एक रावण मन में भी तो बैठा है ! द्वेष नफरत खिली चेहरे पर, त्योहारों पर पहरा बैठा है ! सीख भजन की दब …
रावण जो तेरे अंदर बैठा है … Read More
लेखकों के पुरस्कार लौटाने की परम्परा से असहमत हूँ ; आप समाज और सरकार से असंतुष्ट होने पर बस अपना पुरस्कार लौटा अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे ; आप समाज …
कलम है तो चेतना लिखें …. Read More
जीवन में एक अवसर मिला अपने राज्य और क्षेत्र के सांस्कृतिक धरोहर को समझने का और उसके लिए कार्य करने का ; एक छोटा सा प्रयास कर रहा हूँ अपने …
Manjusha Art – My New Initiative as a Folk Artist Read More
भला उस गली में क्या खुदा बसेगा ; जहाँ सब हाथ रंगे हो खूनों से ! मिट्टी भी रंगीन हो गयी ; सबके काले करतूतों से ! जब रात चीखती …
रात चीखती धरी रह गयी Read More
डिजिटल इंडिया क्या एक नारा, स्लोगन, योजना या वादा मात्र है या फेसबुक पर अपने तस्वीर को तीन रंगों में रंग लेने का चलन या एक विरोध मात्र की हम …
I Dream of a Digital India Read More
जब सब शांत स्तब्ध और अकेला सा हो जाता तो यादों का बादल तैरने लगता मन के खुले आसमानों में ; यादें भी तो कभी दम तोड़ देती होगी किसी …
यू कैन नेवर डाय – Inbox Love 11 Read More