Blog

rain and memories

बारिश .. सूनी सूनी !

बारिश, रात और भींगे मुंडेरों से टपकती है बूंदें ही नहीं , अनेकों पुरानी यादें भी रिसती रहती है कोनों कोनों से ! वो पुरानी खिड़की जिसके फांकों से एक …

बारिश .. सूनी सूनी ! Read More
prime time political satire

प्राइम टाइम – पोएट्री व्हेन संसद एडजर्नड

न चले रे हवा न मिले रे दुआ रुकी है संसद कैसे बने ये सभा । न तूने कुछ किया न मैंने कुछ किया; करोड़ों की अशरफी कौड़ी में खो …

प्राइम टाइम – पोएट्री व्हेन संसद एडजर्नड Read More