बारिश .. सूनी सूनी !
बारिश, रात और भींगे मुंडेरों से टपकती है बूंदें ही नहीं , अनेकों पुरानी यादें भी रिसती रहती है कोनों कोनों से ! वो पुरानी खिड़की जिसके फांकों से एक …
बारिश .. सूनी सूनी ! Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
बारिश, रात और भींगे मुंडेरों से टपकती है बूंदें ही नहीं , अनेकों पुरानी यादें भी रिसती रहती है कोनों कोनों से ! वो पुरानी खिड़की जिसके फांकों से एक …
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बारिश .. छोटा शहर तो तंग हो जाता रोज रोज के इन छीटों से ; हर सड़क हर गलियाँ सनी हुई सी, ऊँघती हुई पुरानी बिल्डिंगें टूटे टूटे दरारों में …
संवेदना …. Read More
ऐ वतन ए हिन्द .. दी है तेरे माटी ने पनाह ; मुझ पर ये अहसान है ; जन्म मिली इस धरा पर ; मुझको ये अभिमान है ! ऐ …
ऐ वतन ए हिन्द … Read More
न चले रे हवा न मिले रे दुआ रुकी है संसद कैसे बने ये सभा । न तूने कुछ किया न मैंने कुछ किया; करोड़ों की अशरफी कौड़ी में खो …
प्राइम टाइम – पोएट्री व्हेन संसद एडजर्नड Read More
This Poem reflects the writer’s emotions; how he defines his affections, he never sees his beloved one with his facets, His affection immerses in everything… ये कविता एक लेखक के …
तुम …. Read More
तूफान जो उठने वाला है यहाँ, ओढ़ ली है फ़िज़ा ने ख़ामोशी, चाँद ने थोड़ा सरका लिया, घूँघट अपना बादलों की ओट में ! कोई हलचल नहीं है किधर भी, …
तूफान …. Read More