एन इवनिंग इन मेट्रो – मेट्रोनामा !!
इक ऐसी ही शाम रोजमर्रा की .. नियत समय से मेट्रो में अपने गंतव्य की ओर जाने को आतुर और दुनिया भर की बातों की धुनी जमाए अपने कार्यस्थल के …
एन इवनिंग इन मेट्रो – मेट्रोनामा !! Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
इक ऐसी ही शाम रोजमर्रा की .. नियत समय से मेट्रो में अपने गंतव्य की ओर जाने को आतुर और दुनिया भर की बातों की धुनी जमाए अपने कार्यस्थल के …
एन इवनिंग इन मेट्रो – मेट्रोनामा !! Read More
हर रात.. सिरहाने में पड़े पड़े सोता, कितने सालों का किस्सा है ये डायरी ! उसके कोने में ताजगी सी नहीं है, कोनों से मुड गये है पुराने होकर ! …
ये डायरी !! Read More
पता नहीं किस गुनाह की माफ़ी में हर आते जाते रास्तों पर दो चार सिक्के बाँट आता । रिश्ता भी रखता हूँ दोस्ती का, फिक्र भी और इबादत भी करता, …
काफ़िर …. !! Read More
Light weighted minds, Flied like butterfly, All words conveyed! It Bring some joy, Conflicts gone away, Sunshine comes to my way! Smiles are spread like, beautiful colors of life. It …
Love of Prophet – #Micropoetry Read More
कितना एकाकी है इस भागदौर में इंसान ; अनमने ढंग से सुबह में अपने आपको इस भीर के लिये तैयार करता हुआ ! महानगर की जिंदगी .. वक्त की कमी …
कितना एकाकी है इस भागदौर में इंसान ?? – Thought with Night & Pen Read More
खामोश जुबाँ से हो जाऊँ अजनबी ; या सब कहके बन जाऊँ मैं गुमशुदा ! मैं अब रोज दुहरा नहीं सकता .. बीती बातों का किस्सा फिर से ! कई …
ख्वाबों की भी कोई दुनिया है क्या ? Read More