किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? #AutumnDays
Autumn marks the transition from summer into Winter ….. किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? ढलती रात अभी की, जैसे हवायें खुले खुले बदन से टकराकर अटखेली करती …
किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? #AutumnDays Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
Autumn marks the transition from summer into Winter ….. किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? ढलती रात अभी की, जैसे हवायें खुले खुले बदन से टकराकर अटखेली करती …
किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? #AutumnDays Read Moreऊँची लम्बी गाड़ी, खूब जोर का हॉर्न बजाती, बगल में आके झटके से ब्रेक लगाती, दिल धक् से रह जाता उस वृद्ध का, अंदर गाड़ी से ठहाके की आवाज आती है …
गाड़ी – (#MicroPoetry) Read Moreमैं उससे लड़ता हूँ, की थोड़ी सी ख़ामोशी तो हो, तुझे सोच सकूँ किसी नज्म की तरह, और तुझसे कहूँ तू खूबसूरत है शब्दों सी ! अल्लहड़ जैसे हरदम बोलना, …
प्रेम … Read More
एक दिन मेरे दिये हुये सब सामान पुराने हो जायेंगे, टूट जायेंगे या अब नहीं रह जायेंगे, वैसे की तुम साथ लेकर चलो इसे । किताबो की जिल्द उघड़ी होगी, …
कुछ पुराने सामान …. Read More
पूरी रात ही बरसी बारिश, पूरी रात बूंदों का शोर था ! पूरी रात जो ख़ामोश रहा, पूरी रात वो कोई और था ! पूरी रात रहा कोरा ही कागज़, …
पूरी रात …. Read More
वो जो रातों को अधजगा सा रखता, अजनबी संग देखो सब भेद है कहता, यूँ ही मन ही मन कुछ गुनगुनाता है रहता ! ये जो कुछ कुछ अपना सा …
इश्क़ ही है .. Read More