यूपी का चुनाव-प्रचार
जनता की सेवा के लिए हो गया, पिता पुत्र में भी तकरार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! इधर के उधर गए, और उधर के नजाने किधर गए, मिल बैठे …
यूपी का चुनाव-प्रचार Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
जनता की सेवा के लिए हो गया, पिता पुत्र में भी तकरार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! इधर के उधर गए, और उधर के नजाने किधर गए, मिल बैठे …
यूपी का चुनाव-प्रचार Read More
बातों का सिलसिला अब वैसा नहीं चलता, लम्बी फेहरिस्त होती थी बातों की, मैं पहले तो मैं पहले की तकरार, अब रुक रुक कर कभी कभार मैं कुछ पूछता, और …
तुम भी कभी बहुत बोलते थे…. Read More
सड़कों के भी पाँव पखारे जाने लगे, लगता है नेता जी दौरे पर आने लगे ! लग गए विश्वकर्मा अब बनाने में पुल पुलिया नेताजी की गाड़ी जब चली जनता …
नेता जी – #MicroPoetry Read More
बुझते अलाव सा नहीं… दहकते आग सा बन, दृढ प्रतिज्ञ बढ़ो ऐसे, जीवन के विस्तार को बुन, थकन पाँव में या लगे कांटे, रुकना न तू अपनी रफ्तार को चुन, …
नव वर्ष के नए नभ में … Read More
बालों के गुच्छों में एक चाँद है, जो कंधे पर सर रखके, सुकून के तरीके तलाशता है, सुबह सुबह घूँघट डाले आधे चेहरे तक, बरामदे पर धीमे क़दमों से चलती …
नया चाँद … Read More
कुछ दिन जब तुम नहीं बोलते, कुछ दिनों की चुप्पी होती, फिर बोलने लगती हर चीजें तुम्हारी तरह । सुबह सुबह खिड़की के पर्दो से झाँकती है धुप, तुम्हारी शक्ल …
कुछ दिन जब … Read More