शाम की व्याख्या ….. ( Poetic Moods of Evening)
एक मित्र ने शाम की एक तस्वीर पर कुछ लिखने को कहा, कवि अनेकों नजरिये से परिभाषित कर सकता किसी चीज को, तो शाम की व्याख्या कुछ इस तरह … …
शाम की व्याख्या ….. ( Poetic Moods of Evening) Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
एक मित्र ने शाम की एक तस्वीर पर कुछ लिखने को कहा, कवि अनेकों नजरिये से परिभाषित कर सकता किसी चीज को, तो शाम की व्याख्या कुछ इस तरह … …
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प्रेम के विस्तृत स्वरुप को कविता की शक्ल देना कितना मुश्किल है, प्रेम की अभिव्यक्ति जितनी भी शब्दों में की जाए वो अधूरी सी छुट जाती ; तो प्रेम को …
प्रेम की अधूरी पड़ी कविता…. Read More
जाती हुई ठण्ड, पछिया हवा के थपेड़े, किसी रूठी हुई प्रेमिका की तरह का दिन, दोपहर जैसे खामोश और चिरचिरा, न कुछ बोलता न कुछ सुनना ही चाहता ! वो …
वसंत की ताक में …. Read More
उसके आदत में शामिल हो , तुमने उसको वहीँ छोड़ा, ऐसे हाल में उसको छोड़ा, जैसे नशे की फ़िराक में, तड़पता सा कोई सख्स । हाँ नशे की आदत थी, …
तेरी आदत …. Read More
मौत अब मौत नहीं सियासी उत्सव सा हो जाता, बन जाता उल्लास और मौका सबके लिए , लम्बी लम्बी गाड़ियाँ रफ्तार से आती , उतरते है कुछ लोग जिनसे उसका …
ए मौत तू अब एक कविता नहीं … Read More
Photography By Sujit Kumar Camera : Nikon P510 Location : Bhagalpur, Bihar (Near Bank of River Ganga)
Random Photography – Zoomed Out Read More