कुछ पूछा होता – Sometimes I feel ?
सहूलियत से हर दफा किस्सा छेरते, कभी कशमकश में हाल पूछा होता !किस कदर अब ना कोई हँसता है, बस सवाल की गहराहियों में दफ्न हो, क्या कुछ सोचता है …
कुछ पूछा होता – Sometimes I feel ? Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
सहूलियत से हर दफा किस्सा छेरते, कभी कशमकश में हाल पूछा होता !किस कदर अब ना कोई हँसता है, बस सवाल की गहराहियों में दफ्न हो, क्या कुछ सोचता है …
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कल की दबी बिसरी झुंझलाहट; सुबह भी जारी थी सीढ़ियों से उतरते, घुमावदार बोझ सी लगती, ये चडाव और उतार सीढ़ियों की !झुंझलाहट उतार भी दे किसपर; उसपर जो अनसुना …
An Autumn Dreams – In Night & Pen With #SK Read More
कहते कहते ठहर जाने का सबब,फिर वही बातें, वही रातें ! चाँद सी सादगी दिखती ऐसी,फिर वही अजनबीपन छाया ..शब्द घुटते रहे, करते रहे अदब ! थे बेबाक अनेकों वहाँ …
ठहर जाने का सबब ! Read More
मौन हूँ ..खो गया हूँ में आस पास;इस भीड़ में ! लड़खड़ा जाती है शब्दें,टूट जाती है पंक्तियाँ,पूर्ण कर दो अधूरे संवादों को,एक पूर्णविराम देकर ! विस्मित है मन,भ्रम कैसा …
पूर्णविराम – Epic Life ! Read More
कोरा कागज .. कोरी कल्पना सारी !यतार्थ कुछ भी नही है ..बस लहरों का एक सैलाब;आता और बिखेर देता सारी;बनाई तसवीरें ! समेट के लौट आया वहाँ से,वो अधूरी तसवीरें …
कुछ तस्वीरें – The Unfinished Painting Read More
अनजान अकेली सी है ये राहें सदियों से,करवट भी नही ले सकती ऐसी बंदिशें ! ये बड़ी ऊँची ऊँची गगनचुम्बी महलें,लगता सूखा लंबा बरगद खड़ा हो ! बेरंग सुख गयी …
बंदिशें – An Urban Ode Read More