Social Media Criticism – एक विचार
एक विचार : सोशल मीडिया की आलोचना सोशल मीडिया की आलोचना करना वर्तमान संदर्भ में सर्वथा उचित नही है !हर पक्ष के दो पहलु होते, परमाणु बम सी विध्वंशक शक्ति का …
Social Media Criticism – एक विचार Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
एक विचार : सोशल मीडिया की आलोचना सोशल मीडिया की आलोचना करना वर्तमान संदर्भ में सर्वथा उचित नही है !हर पक्ष के दो पहलु होते, परमाणु बम सी विध्वंशक शक्ति का …
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रात .. बात नही बस सुर्ख काले अंधेरों और दो चार दमकती चाँद तारों की…रात .. बात नही अकेली अँधेरी गलियों और सुनसान सड़कों से गुजर जाने की .. रात …
ये रात …? – A Night Read More
चहकती थी हर उस डाल पर बैठी पंछियाँ, अब पतझर सा लगता , एक ठूंठ सा खरा पेड़ ! बड़े सुने सुने से सुनसान सा प्रतीत होता , ना झूले है उस पर, यूँ …
अमरलता के बेले और पेड़ – 100th Poem Read More
कैसे सावन आये तुम बिन गहने !छितिज धरा सब धुल उराये,नभ के बदल बन गये पराये, उमड़ घुमड़ तुम आते ऐसे !कसक मन की भी जाती जैसे,जग चर की तुम …
बरसों सावन – Waiting For Rain Read More
ये तिमिर घना चहुओर है फैला,हर रोज सोच से रूबरू एक चेहरा,इन शोरों में दर्प फैला है गहरा ! हर तरफ बिफरा है शोर !जो हँस रहे जितना ,उतना उनको …
आयेगा एक दौर – Dawn After Dark Night Read More
खिड़की की ओर नजर ले जाओ,धुँधली सी तस्वीर बनाओ ! देखो तुम जब नजर फिराये,हर चीज भागे बन के पराये ! रातों में फैला कल का एक शोर,पाषाण राहों में …
ये रात की रेल – A Night Train Read More