शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे – A Random Thoughts
शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे , पर कुछ बातें तो निकली जुबान से ! अनसुनी न थी बातें मेरी , मगर गुस्ताख़ी का नाम दे गये ! यूँ तो …
शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे – A Random Thoughts Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
शब्दो के दरमियाँ फासले बहुत थे , पर कुछ बातें तो निकली जुबान से ! अनसुनी न थी बातें मेरी , मगर गुस्ताख़ी का नाम दे गये ! यूँ तो …
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होली रंगों के त्यौहार पर – अपने घर से दूर मेरे मन ने रंगा दिया कई रंगों में .. हम रंगों से दूर उमंगो से दूर ! ! वो क्या …
होली – इन आँखों में जो रंग है – My Holi 2010 Read More
शांति सादगी का प्रतीक ! ! गुलाबी शहर जयपुर दोस्तों के संग एक खुशनुमा सुबह और उनमे खो गयी गुलाबी शहर की यादें ! प्राचीन धरोहर को संजोती ये धरती …
एक दिन गुलाबी शहर जयपुर में – MY Jaipur Visit Read More
एक खास , कोई पास , एक अजनबी अहसास , कुछ दबी , कुछ छुपी ये है जज्बात ! मन के तरंगों में उठती कोई बात , चुपके से छू …
प्यार – वेलेंटाइन – अपनी अभिव्यक्ति Read More
महगाई पर माथे की शिकन ! हिंसा से विचलित मन, गणतंत्र पर जन गण मन ! हर बुराई के खिलाफ एक रण , मैंने भी शांति नहीं मानी है … …
गणतंत्र दिवस – मैंने भी शांति नहीं मानी है … Read More
आहिस्ता आहिस्ता आगोश में आती , थोरी कपकपाती हाथों को सहलाती , ठिठुरती सिहरती ये बातें कह जाती , जब उनकी हँसी मन ही मन गुदगुदाती , ओस की बूँदें …
जब सर्द की रातें है आती ! Read More