आओ फिर बच्चे बन जाये …..
ले फिर गुलाटीयाँ, और फिर करतब करें । बंदर का खेल, और भालू बन डराये । सीखे फिर ककहरा, और बोले तोतली जबान । बाल को खींचें, और मुँह चिढ़ाये …
आओ फिर बच्चे बन जाये ….. Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
ले फिर गुलाटीयाँ, और फिर करतब करें । बंदर का खेल, और भालू बन डराये । सीखे फिर ककहरा, और बोले तोतली जबान । बाल को खींचें, और मुँह चिढ़ाये …
आओ फिर बच्चे बन जाये ….. Read More
जहाँ कोई संवाद नहीं है वहाँ कौन सी संवेदना है जो जोड़ती है दो अनजान कृत्रिम आयाम में दो शख्सों को ! एक दिन अखबार में पढ़ा दूर दूर सुदूर …
Unmet Friend – Love in December ! Read More
लालटेन तले Poetry Video Recited By Sujit Poetry Written & Recitation : Sujit Kumar
Hindi Poetry Video – लालटेन तले (Poet – Sujit Kumar ) Read More
दीवाली और छठ त्यौहार बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करते । नेताओं से लेके न्यूज चैनल तक ने खूब ब्रांडिंग भी की गाने बजाए, फेसबुक व्हाट्सएप्प ऑडियो वीडियो सब …
#Bihar Needs Reverse Migration – नादान परिंदे घर आजा ! Read More
अलग अलग मंजिलों पर रहता मैं, कभी जिंदगी की तन्हाई तलाशने, ऊपर छत पर एक कमरा है, पुराना रेडियो पुरानी कुर्सी, और धूल लगी हुई कई तस्वीरें, जिंदगी से ऊब …
खानाबदोश…. Read Moreकरता जिंदगी की बातें वो, बड़ी बड़ी वसूलों की फेहरिस्त लोग सुन के सोचने लगते थे बदल जाती थी कई की जिंदगी कुछ खाली खाली लोग उससे मिल भर जाते …
खोखला आदमी .. Read More