Faint And Fairy Colors of Life !
यूँ तो रंग बहुतेरे ए जिंदगी ..कुछ दिखा रंग कुछ छिपा रंग ! कुछ रंगों ने रंग दिया हमें..कुछ रंगों ने ठग लिया हमें ! कुछ रंग थे जैसे एक …
Faint And Fairy Colors of Life ! Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
यूँ तो रंग बहुतेरे ए जिंदगी ..कुछ दिखा रंग कुछ छिपा रंग ! कुछ रंगों ने रंग दिया हमें..कुछ रंगों ने ठग लिया हमें ! कुछ रंग थे जैसे एक …
Faint And Fairy Colors of Life ! Read More
क्योँ अलग विजाती से बैठे,आँगन के उस पार अकेले,ढोल नगारे कानों से टकरा कर,वहीँ निस्तब्ध से हो चले,गुमसुम से बस तकते उस भीड़ को,हिस्सा जो नहीं उस उत्सव का मैं …
लाल स्याही … A Treasure ! Read More
ये किस जवाब के बदले..फिर कुछ सवाल थे तुम्हारे ! हँस कर ही खामोश हो चले हम..बहल ही गया ना फिर,बात अपना अनेकों इन्तेजार करके ! फिर वही कुछ पुराने …
फिर बात मेरी .. Yet Again Read More
लगे खेत में पूस के मेले, सरसों अरहर मस्ती में खेले ! ठीठुरी पुरवा पवन बहके है हौले..अलसी व गेहूँ की बालियाँ डोले ! विहंग तरंग बांस पर झूले,खेत पर …
पूस के मेले – Winter @ India Read More
जब रात तमस बड़ी गहरी थी,सहमी सी और सुनी थी ! घना अँधेरा धरा पर आता,शहर घना जंगल बन जाता ! मद में विचरते कुंजर वन में,विषधर ब्याल रेंगते राहों …
एक रात शहर की – Devils of Dark Night …! Read More