अंग प्रदेश की भागीरथी
“आज जन्मदिवस पर कुछ भाव अनायास मन में उठे ! इस कविता का संदर्भ : मैं गंगा किनारे बसे अंग प्रदेश से हूँ .. और अभी यमुना नदी के शहर …
अंग प्रदेश की भागीरथी Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
“आज जन्मदिवस पर कुछ भाव अनायास मन में उठे ! इस कविता का संदर्भ : मैं गंगा किनारे बसे अंग प्रदेश से हूँ .. और अभी यमुना नदी के शहर …
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सृजन के शब्दों को सहारे नहीं मिलते ! वक्त की आपा धापी को सिरहाने नहीं मिलते ! कोशिश जब की ख्वाबो को चुराने की, रातों को नींद के बहाने नही …
वक्त की आपा धापी को सिरहाने नहीं मिलते ! Read More
है दंभ अब किन बातों का ! आंखे फाड़े काली रातों का ! विकट जो चुप्पी छाती है, और तभी सुनामी आती है ! बौने से जो अब पेड़ खड़े, …
और तभी सुनामी आती है ! Read More
परतों में रखा था छुपा के हमने खमोशी !खोल दी जो थोरी सी हवा उठी किसी ओर से ! थोरी दूर जा के अहसास सा होने लगा !अब कोई लौटने …
उलझा दिया आज फिर सवालों ने ! Read More
अब कौन डगर मुझे चैन मिले ! किस पथ जाऊ बस रैन मिले ! सूखे रूखे पतझर से, झुकते थकते डाली पर , अब खुशियों की कोई कुसुम खिले ! …
अब कौन डगर मुझे चैन मिले ! Read More
थोड़ी फुरसत दे ए जिंदगी .. कहीं तो जाके ढूंड लाऊ खुद को, खुद अपने से सिसकता वक्त की टिक टिक सोने नही देती, ये मुखोटे लगाये इंसानों के शोर …
थोड़ी फुरसत दे ए जिंदगी ..City Life Read More