चुनाव सन माइनस २०१४ …
बहुत ही अदभुत मेला लगा है इस रियासत में.. इक राहगीर ने चलते हुए पूछा क्या कोई उत्सव है; भाई पुरे पाँच साल के बाद ये आया है, कहने वाले …
चुनाव सन माइनस २०१४ … Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
बहुत ही अदभुत मेला लगा है इस रियासत में.. इक राहगीर ने चलते हुए पूछा क्या कोई उत्सव है; भाई पुरे पाँच साल के बाद ये आया है, कहने वाले …
चुनाव सन माइनस २०१४ … Read More
टीवी पर कोई कार्यक्रम ना भी देख पाये कोई बात नहीं .. पर ऑनलाइन नोटीफिकेशन ना मिस हो .. ये ट्विट्रर फेसबुक की दुनिया ! कितना भी कह ले आभाषि …
जिंदगी ऑनलाइन …… Read More
खुशी की क्या परिभाषा .. और हर हमेशा घिरे महसूस करते जिससे यही है गम ? याद है .. कब पढ़ी थी पिछले दफा किताब की दस पंक्तियाँ सुकून के …
मायूसी को हँसी बनाएँ – Let’s Live Our Life Each Day With A Smile Read More
मैं किसी पंक्ति में खरा कुछ वार्तालाप सुनता जा रहा था; रोज में सुबह जा भीड़ में खो जाता, पढ़ने की कोशिश करता कुछ देर के वक्त में अनेकों अजनबी …
रोजमर्रा – In Night & Pen With #SK Read More
कुछ संदेह मन में .. कुछ स्थायित्व की कमी यूँ तो लगता जैसे एक दोष हो जिंदगी के लिये ! पर एक गहराई से देखे तो हमारी जिंदगी को यही …
जिंदगी अपनी है सवाल भी अपने – Outside Your Comfort Zone Read More
लंबी समांतर रेखा खींचता हुआ ये काफिला जिंदगी का बहुत दूर हो आया था; ऐसे कितने दफा कोशिश की, साथ साथ चलती ये रेखाएँ काट के निकल जाये, अपने गंतव्य …
गंतव्यविहीन … In Night & Pen Read More