बोझिल शाम से सुकूने रात – पुरानी जीन्स के संग !!
बोझिल शाम से सुकूने रात और पुरानी जीन्स का सफ़र कुछ इस तरह है की … रोज ही ये सफ़र शुरू होता और रोज ही हमें चलते इस तरह जब …
बोझिल शाम से सुकूने रात – पुरानी जीन्स के संग !! Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
बोझिल शाम से सुकूने रात और पुरानी जीन्स का सफ़र कुछ इस तरह है की … रोज ही ये सफ़र शुरू होता और रोज ही हमें चलते इस तरह जब …
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सरकार की सुस्तीकरन नीति से आज देश जहाँ तहाँ जल रहा, सर जी तुष्टि करण, सब गुड गोबड़ कर ही दिए अबे.. यार बीच में मत बोलों टेम्पो बिगड़ जाता …
प्राइम् टाइम – 2 में आज हम काले है तो क्या हुआ (व्यंग्य) Read More
सर जी १२ -१ बज गया है रात का .. ऊँघा गये होंगे सब प्राएम् टाइम कैसे ! धत बुरबक अभी तो नहा धो के सब फेसबुक ट्विटर पर आये …
प्राइम् टाइम में आज .. कहने दो जी कहता रहे .. याहू !! (व्यंग्य) Read More
आज फिर वंडरलैंड से कुछ बातें .. इस शहर की कुछ बातें ! सुबह की ठंडी होती चाय को छु के महसूस करते की अभी भी कुछ देर इसे उलझाया …
वंडरलैंड से कुछ बातें – Tell The World Who You Are !! Read More
शहर शहर का दोपहर भी अलग ही होता, अपने शहर में रोज दोपहर होता था, रोज शाम और रोज सुबह ! महानगर की घड़ी में जरुर कुछ समस्या सी लगती …
शहर शहर का दोपहर … Read More
In Between Overwhelming chaos of living.. We always try to understand life… And every time wondering with upshot, it not like that as exist in thoughts… it comes with new …
Overwhelming chaos of living – My Quotes Read More