बहुत ही धुंध हो आई इस बरस..
बहुत ही धुंध हो आई इस बरस ; कई रिश्ते धुँधले से हो आये ! बेरुखी भर आयी थी जस्बातों में ; इसको कभी ना वो समझ ही पाये ! …
बहुत ही धुंध हो आई इस बरस.. Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
बहुत ही धुंध हो आई इस बरस ; कई रिश्ते धुँधले से हो आये ! बेरुखी भर आयी थी जस्बातों में ; इसको कभी ना वो समझ ही पाये ! …
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दो अपनों ने मिल के उड़ाया था, कभी उस सफ़ेद कबूतर को । दो अपनों के घरों के बीच ; उसे सरहदों का क्या पता था । खुली आसमानों और …
सरहदें – Wound of Kashmir Read More
“हकीकत” फिल्म से भूले बिसरे गीत में रफ़ी साहब .. मैं ये सोच कर ये उसके दर से उठा था ; की वो रोक लेगी मना लेगी मुझको ; हवाओं …
मैं ये सोच कर ये उसके दर से उठा था .. (भूले बिसरे गीत) Read More
Your little face ; Like a flower in the morning ; You might recognize me from afar ; When I see you, as hiding your head in the lap of …
Your Little Face …. Poem for Little One !! Read More
फिर देर से .. दिन ही नहीं रात गुमशुदा सा लगता है ; ये जिंदगी की कैसी किश्तें अदा कर रहे ; वो जो मायूस सा सहयात्री है अजनबी ही …
फिर देर से ..Late again when I get home !! Read More
दुआ लब्जों में समेटे, दिल में कई जस्बात है ! ना रूबरू हो सके कभी, इस सफर में ना कोई पास है ! कुछ शर्त ना थी साथ आने की, …
इस बरस की क्या क्या सौगात है … Memories never die ! Read More