मंदिर के सीढियों पर …
बीते रात के ख्वाब को एक दिन, मंदिर के सीढियों पर देखा । माथे पर कुमकुम का टीका, थाल अरहुल थे सब सजे । बीते रात के ख्वाब को, सीढियों …
मंदिर के सीढियों पर … Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
बीते रात के ख्वाब को एक दिन, मंदिर के सीढियों पर देखा । माथे पर कुमकुम का टीका, थाल अरहुल थे सब सजे । बीते रात के ख्वाब को, सीढियों …
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What about life? As we are living now or as like we wish for? And some time which takes you in past. These are three possessions of Life. Personally I …
Three Dimensional View of Life – Come Out From Enigma!! Read More
Someone Smile… Spreading Hues! Eastern Wind… Makes me Clumsy! Summer Sky… Little Cloudy! My Morning Ode… A Ringing Rhyme! It Moves My life… It makes my life!! #MicroPoetry – Sujit
Morning Rhyme – #MicroPoetry Read More
इक जैसे चेहरे कब से, ना भाव भंगिमा कुछ भी, पत्थर की मूरतें हो जैसे, सदियों से वैसे ही अब तक, शिकवे शिकन सजते रहे चेहरों पर, हमें इंसा होने …
खामोशी भी उम्र भर निभायेगें …. Read More
साख से कैसे छुट गया ये पत्ता, इतना भी पुराना तो रिश्ता नहीं, उम्र भी नहीं था रंग भी थे अभी भरे, दरख्त ने गिरा दिया इसे कैसे ! अनेकों …
जमीं पर परा वो पत्ता .. Read More
मैं कई बार .. कई बार पढ़ रहा हूँ तेरे शब्दों का इक हिस्सा !! पुरे भी नहीं है वो, शायद वक्त की कमी, या मन में उधेरबुन रहा होगा …
शब्दों का इक हिस्सा ! Read More