जमीं पर परा वो पत्ता ..

साख से कैसे छुट गया ये पत्ता, इतना भी पुराना तो रिश्ता नहीं, उम्र भी नहीं था रंग भी थे अभी भरे, दरख्त ने गिरा दिया इसे कैसे ! अनेकों …

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#PledgeToVote – वोट करें ……. !!

इन इंसानों के बीच इक इंसान चुनों … दौर बीत जाता हुक्मरानों को बदलने में, आने वाली पीढ़ी का आज अंजाम चुनों !! ना मजहब ना मुक्कदर को चुनों … …

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किसी आँगन की खामोशी …….

किसी आँगन की खामोशी को देखा है, ना क़दमों की आहट है कोई, ना पायलों की रुनझुन ही बजते, ना किलकारी ही गूँजती अब, ना कोई रूठता ना रोता है …

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