खामोशी ….
कभी कभी खामोशी में भरते हुएयादों के चेहरे बुनते जाना,कभी कभी लंबी सी भागदौड़के बाद चुपचाप बिना बोलेसन्नाटे में खोजना खुद कोदेर तक कहीं बैठे रहनाया ऊंघना कुछ कुछ देर …
खामोशी …. Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
कभी कभी खामोशी में भरते हुएयादों के चेहरे बुनते जाना,कभी कभी लंबी सी भागदौड़के बाद चुपचाप बिना बोलेसन्नाटे में खोजना खुद कोदेर तक कहीं बैठे रहनाया ऊंघना कुछ कुछ देर …
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कुछ दिनों के खामोशी के बादतुम्हारा लौटना ऐसे है जैसेतपते हुए किसी महीने के बादलौटता हो बारिश का मौसमउमड़ते हुए मेघों से भरा आसमांफुहारों से भींगे हुए सब रास्तेधुली हुई …
तुम्हारा लौटना Read More
होली रंगों की दुनिया, आस पास जैसे अनेकों रंग बिखर रहे कोई अतीत की यादों में खो रहा तो कोई रंगों की नयी यादें जोड़ने की तैयारी ! प्रकृति भी …
होली के रंग …. Read More
ठंड से ठिठुरता चाँद …शीत में भींगता गुनगुनाता चाँद,न कोई अलाव है न कोई तपिश ।न कोई गुफ्तगू न कोई खबर पूछता,किससे रात भर बातें करता होगा चाँद ?चुपचाप देखता …
चाँद – @ Winter Night Read More
भ्रष्टाचार के पुलआशंकित से खड़ेनहीं होते है खड़े फौलादी सीने सेहिलते है पानी के थपेड़ों सेथरथराते है गुजरते हुए भारी वाहनों से | पुल के बनाने वाला कभी पुल के …
भ्रष्टाचार के पुल Read More
एक चेहरा है ;जो एक दफा दिख जाता ;कोई भाव नहीं उभरता,कभी थोड़ा सा आंखों से एक टक देख,किसी संवेदना को बिना उकेरे । कोई मौन आकर्षण हो शायद ;उससे …
एक चेहरा है .. Read More