लौट आये त्यौहार वाले ..
त्यौहार में अपनों का आना, फिर उनका वापस लौट जाना ; अधिकांश राज्यों के लोग महानगरों में कार्यरत है, कुछ शब्द जो इस त्यौहार में उनके आने और वापस जाने …
लौट आये त्यौहार वाले .. Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
त्यौहार में अपनों का आना, फिर उनका वापस लौट जाना ; अधिकांश राज्यों के लोग महानगरों में कार्यरत है, कुछ शब्द जो इस त्यौहार में उनके आने और वापस जाने …
लौट आये त्यौहार वाले .. Read More
विचारों का जहाँ ठहराव हो जाता ; वहीँ से एक उदगम भी तो है एक नए विचार का ही ! कोई खामोश रहता है, जिक्र नहीं करता, शायद समझा नहीं …
अंतर्द्वंद – Night & Pen Read More
कई मौसम इक इक करके बीते ; प्रवास के परिंदें इस बार नहीं लौटे ! सावन बीता शीत की रातें भी लौटी, लौटी बातें और सारी यादें भी लौटी, प्रवास …
प्रवास के परिंदें .. Read More
नफरतों में शामिल तुम हो नहीं सकते ; मोहब्बत और नफरत के बीच किसी रस्ते पर, तुम अब भी रहते हो !! नदी के दो किनारे जैसे, उचक उचक कर …
तेरे नाम की बगावत में … Read More
कागज़ों के रावण ही जलेंगे अब, एक रावण मन में भी तो बैठा है ! द्वेष नफरत खिली चेहरे पर, त्योहारों पर पहरा बैठा है ! सीख भजन की दब …
रावण जो तेरे अंदर बैठा है … Read More
लेखकों के पुरस्कार लौटाने की परम्परा से असहमत हूँ ; आप समाज और सरकार से असंतुष्ट होने पर बस अपना पुरस्कार लौटा अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे ; आप समाज …
कलम है तो चेतना लिखें …. Read More