शब्द लौटेंगे …
शब्दों का तूफान थमता नहीं .. रुकता नहीं लौटता है .. जैसे पंछी लौट आते है प्रवास से, जरुर .. कुछ देर सिमट सा जाता .. मौन होता .. चुप …
शब्द लौटेंगे … Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
शब्दों का तूफान थमता नहीं .. रुकता नहीं लौटता है .. जैसे पंछी लौट आते है प्रवास से, जरुर .. कुछ देर सिमट सा जाता .. मौन होता .. चुप …
शब्द लौटेंगे … Read More
सतत प्रयत्न बेमानी सा है आज, अर्थहीन सफलता का बोझ कैसा, मेरा मकाँ पर अब जंजीरें और ताले है ! ईटों गारों से भी आगे कुछ लगा था, आपके सपनों …
तलाशता हूँ वो कमी – Some Memoirs On Father’s Day !! Read More
शहर शहर का दोपहर भी अलग ही होता, अपने शहर में रोज दोपहर होता था, रोज शाम और रोज सुबह ! महानगर की घड़ी में जरुर कुछ समस्या सी लगती …
शहर शहर का दोपहर … Read More
वंडरलैंड ये अंग्रेजी शब्द जो मुझे इस शहर में चलायमान रखता; अध्भुत है चकाचौंध इस शहर की, गाँव के सपने लेके यहाँ प्रवेश कठिन था .. सपने देखने से ज्यादा, …
वंडरलैंड से – Every Morning Wake-up For Your Work Not Just For ur Job ! Read More
कुछ नन्हीं हाथों के बीच, मैंने अपने उँगलियों को महसूस किया, कौतुहल में तुमने कस रखे थे अपने हाथ, यूँ पहली बार छुआ था मैंने तुमको ! बहुत मासूम सा …
मेरे नन्हें फ़रिश्ते … Read More
अब सुबह की दो बातें, और रातों में उलझनों का बयाँ, क्या शायद तकलीफ दे रही थी ! कुछ दिन पहले ही तो खामोशी के, कई परतों को खोला था …
अधूरा अक्स .. Read More