एक छोटी सी ख्वाबों की कहानी – Story By SK
ऐसे ख्वाब का क्या भरोसा, नींद में क्या आते जाते टूटते रहते ! ऐसी ही एक नींद भरी रात थी, आज किन यादों को नींद को लेके नींद आयी थी …
एक छोटी सी ख्वाबों की कहानी – Story By SK Read MoreThe Life Writer & Insane Poet
ऐसे ख्वाब का क्या भरोसा, नींद में क्या आते जाते टूटते रहते ! ऐसी ही एक नींद भरी रात थी, आज किन यादों को नींद को लेके नींद आयी थी …
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कुछ संदेह मन में .. कुछ स्थायित्व की कमी यूँ तो लगता जैसे एक दोष हो जिंदगी के लिये ! पर एक गहराई से देखे तो हमारी जिंदगी को यही …
जिंदगी अपनी है सवाल भी अपने – Outside Your Comfort Zone Read More
गाँव में ख्वाब पुरे होते नहीं, शहरों में नींद कभी आते नहीं ! फोन इतने बड़े हाथों में आते नहीं, बात दिलो तक अब जाते नहीं ! चुप से सुनते …
कभी आते नहीं – The Contrast of Life !! Read More
जिस्म थक जाता है दिन से रूबरू होकर … नींद से पहले जो आधे अधूरे थोड़े से, अब जो भी ख्वाब आ जाते मैं उन्हें समझा दूँगा ! आठ पहर …
अब जो भी ख्वाब आ जाते … Read More
नव वर्ष जैसे बारह खानों में फिर सजेगी बिसातें, हर दिन की कहानी और किरदारों का रंगमंच ! कुछ कोसते हुए चालें चाली गयी होंगी, कुछ दंभ टूटा होगा किसी …
नव वर्ष – फिर सजेगी बिसातें ! Read More
लंबी समांतर रेखा खींचता हुआ ये काफिला जिंदगी का बहुत दूर हो आया था; ऐसे कितने दफा कोशिश की, साथ साथ चलती ये रेखाएँ काट के निकल जाये, अपने गंतव्य …
गंतव्यविहीन … In Night & Pen Read More