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आयेगा एक दौर – Dawn After Dark Night

ये तिमिर घना चहुओर है फैला,हर रोज सोच से रूबरू एक चेहरा,इन शोरों में दर्प फैला है गहरा ! हर तरफ बिफरा है शोर !जो हँस रहे जितना ,उतना उनको …

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ये रात की रेल – A Night Train

खिड़की की ओर नजर ले जाओ,धुँधली सी तस्वीर बनाओ ! देखो तुम जब नजर फिराये,हर चीज भागे बन के पराये ! रातों में फैला कल का एक शोर,पाषाण राहों में …

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क्योँ नही बहलाती मुझे माँ !

याद उतनी ही है तेरी इस जेहन में बसी,जैसे तेरी उँगलियाँ छु चल पड़ा इन राहों में ! और ना तुने रोका, कुछ तो कहा होता..में इन राहों में चलता …

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Morning Again ..!

शब्द जब रंग मंच पर उतरे !अपने अपने किरदार को खेले ! में खरा वहाँ मुसकाता रहा, हर उलझन को सुलझाता रहा ! ये आहट किस और से आती है …

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